हमारे बारे में
नगर पंचायत तमकुही राज
नगर पंचायत के बारे में
परिचय:-
तमकुही राज (कुशीनगर, उत्तर प्रदेश) का इतिहास एक प्राचीन जमींदारी/रियासत के रूप में समृद्ध है, जिसे हाथवा के महाराजा फतेह बहादुर शाही द्वारा स्थापित माना जाता है। गंडक नदी (नारायणी) के तट पर स्थित, यह क्षेत्र प्राचीन शिव और दुर्गा मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। पुराना सेवरही कस्बा ही आज तमकुही राज नगर पंचायत है।
तमकुही राज (नगर पंचायत) के इतिहास और विकास के प्रमुख बिंदु:
. ऐतिहासिक विरासत: यह एक प्रमुख भूमियार जमींदारी थी, जो अपने आप में एक अविभाज्य 'राज' (Estate) के रूप में जानी जाती थी।
. स्थापना: इसकी स्थापना हाथवा के महाराजा फतेह बहादुर शाही द्वारा की गई थी, जिसके बाद यह एक महत्वपूर्ण एस्टेट बना।
. नामकरण: शहर का नाम सेवरही है, लेकिन रेलवे स्टेशन का नाम 'तमकुही रोड' राजा के अनुरोध पर रखा गया था क्योंकि यह राजघराने का मुख्य क्षेत्र था।
. ऐतिहासिक आकर्षण: तमकुही राज हवेली, जो भारतीय-यूरोपीय शैली का मिश्रण है, यहां का प्रमुख ऐतिहासिक आकर्षण है।
. भौगोलिक महत्व: यह कुशीनगर जिले में गंडक (नारायणी) नदी की सहायक बांसी नदी के किनारे स्थित है।
. आधुनिक विकास: अब यह एक नगर पंचायत है, जिसमें हाल ही में विकास कार्यों के लिए 15 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना शामिल है।
आज, यह नगर पंचायत के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है, जो अपनी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बरकरार रखते हुए शहरी सुविधाएं प्राप्त कर रहा है।
हमारा लक्ष्य है कि सभी नागरिकों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिले।
मुख्य कार्य
- ✔️ स्वच्छता और कचरा प्रबंधन
- ✔️ पेयजल एवं जल निकासी व्यवस्था
- ✔️ सड़क और स्ट्रीट लाइट सुविधा
- ✔️ पार्क एवं हरियाली विकास
- ✔️ नागरिक सेवाओं का डिजिटलीकरण